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Shardiya Navratri Calendar 2017-visit nidm.co

Shardiya Navratri Calendar 2017

Navratri Day 1 (Partipada) – September 21, 2017

Ghatsthapana
Shailaputri Puja
Chandra Darshan
Color of the Day – Yellow

Navratri Day 2 (Dwitiya) – September 22, 2017

Brahamcharini Puja
Color of the Day – Green

Navratri Day 3 (Tritiya) – September 23, 2017

Sindoor Tritiya
Chandraghanta Puja
Varad Vinayaka Chauth
Color of the Day – Grey

Navratri Day 4 (Chaturthi) – September 24, 2017

Kushmanda Puja
Upang Lalita Vrat
Color of the Day – Orange

Navratri Day 6 (Panchami) – September 25, 2017

Skanda Mata Puja
Color of the Day – White

Navratri Day 6 (Shashthi) – September 26, 2017

Katyayani Puja
Color of the Day – Red

Navratri Day 7 (Saptami) – September 27, 2017

Kala Ratri Puja
Saraswati Awahan
Color of the Day – Royale Blue

Navratri Day 8 (Ashtami) – September 28, 2017

Durga Ashtami
Maha Gauri Puja
Sandhi Puja
Saraswati Puja
Color of the Day – Pink

Navratri Day 9 (Navami) – September 29, 2017

Ayudha Puja
Maha Navami
Color of the Day- Purple

Navratri Day 10 (Dashami) – September 30, 2017

Durga Visarjan
Navratri Parana
Vijayadashami

अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक यह व्रत किये जाते हैं । नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां भगवती के नौ रूपों क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री देवी की पूजा की जाती है । आश्विन मास के इन नवरात्रों को ‘शारदीय नवरात्र’ कहा जाता है क्योंकि इस समय शरद ऋतु होती है। इस व्रत में नौ दिन तक भगवती दुर्गा का पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ तथा एक समय भोजन का व्रत धारण किया जाता है।

प्रतिपदा के दिन प्रात: स्नानादि करके संकल्प करें तथा स्वयं या पण्डित के द्वारा मिट्टी की वेदी बनाकर जौ बोने चाहिए। उसी पर घट स्थापना करें। फिर घट के ऊपर कुलदेवी की प्रतिमा स्थापित कर उसका पूजन करें तथा दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। पाठ-पूजन के समय अखण्ड दीप जलता रहना चाहिए। वैष्णव लोग राम की मूर्ति स्थापित कर रामायण का पाठ करते हैं। दुर्गा अष्टमी तथा नवमी को भगवती दुर्गा देवी की पूर्ण आहुति दी जाती है। नैवेद्य, चना, हलवा, खीर आदि से भोग लगाकर कन्या तथा छोटे बच्चों को भोजन कराना चाहिए। नवरात्र ही शक्ति पूजा का समय है, इसलिए नवरात्र में इन शक्तियों की पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के उपरान्त इस मंत्र द्वारा माता की प्रार्थना करना चाहिए-

विधेहि देवि कल्याणं विधेहि परमांश्रियम्| रूपंदेहि जयंदेहि यशोदेहि द्विषोजहि ||

 

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